कासिमाबादः ब्लॉक प्रमुख चुनाव में संगठन बेमतलब!

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    गाजीपुर (यशवंत सिंह)। कासिमाबाद ब्लॉक प्रमुख के लिए भी मुकाबला कम रोचक नहीं रहेगा। तीन प्रमुख दावेदार सामने आ चुके हैं। इनमें दो ‘नामदार’ और एक ‘दामदार’ हैं। इनकी ओर से अपनी-अपनी फिल्डिंग भी सजने लगी है। इस  फिल्डिंग में कई बातें गौर करा रही हैं। मसलन अपने पार्टी संगठन के लिए इलाकाई ‘दिग्गजों’ की प्रतिबद्धता बेमानी हो  गई लगती है। पिछले दो चुनावों में ‘फॉरवर्ड शॉर्ट लेग’ पर रहने वाले अंसारी बंधु इस बार ‘थर्डमैन’ की जगह पर भी नहीं दिख रहे हैं।  फिर प्रचार अभियान में जहां गड़े मुर्दे उखाड़े जा रहे हैं। वहीं सियासी अदावत और ताल्लुकातों को लेकर ‘छूत-अछूत’ का खेल भी चल रहा है।

    प्रमुख दावेदारों में समाजवादी पार्टी के जहूराबाद विधानसभा क्षेत्र इकाई अध्यक्ष जैहिंद यादव, भाजपा मंडल अध्यक्ष संतोष गुप्त के अलावा कारोबारी और कासिमाबाद ग्राम पंचायत की प्रधान गुड़िया गुप्ता के पति मनोज गुप्त हैं।

    जैहिंद यादव के अभियान में समाजवादी पार्टी के पूर्व एमएलसी काशीनाथ यादव जी जान से लगे हैं लेकिन जाहिर है कि पार्टी में काशीनाथ यादव से भीतर ही भीतर खुन्नस रखने वाले विजातीय से लगायत स्वजातीय नेताओं, कार्यकर्ताओं के लिए जैहिंद यादव अछूत जैसे हो गए हैं। यही नहीं बल्कि जैहिंद यादव की मिट्टी पलीद करने के लिए साल 2010 के चुनाव का किस्सा उभार कर उन्हें पार्टी और जाति विरोधी साबित करने की कोशिश भी हो रही है। यही कि तब पार्टी के उम्मीदवार बिजाधर यादव का साथ देने के बजाए उन्होंने अंसारी बंधुओं के उम्मीदवार रामायण सिंह की जीत सुनिश्चित की थी।

    उधर संतोष गुप्त के साथ पार्टी संगठन सहित सांसद नीरज शेखर, प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर के लोग तो लगे ही हैं। इनके अलावा पार्टी के इलाकाई नेता रामप्रताप सिंह पिंटू-शिवप्रताप सिंह छोटू भी संतोष गुप्त के लिए ‘दामदारी’ से जुटने का दम भर रहे हैं। सांसद नीरज शेखर के अति करीबी पूर्व जिला पंचायत सदस्य अनुराग सिंह दावा करते हुए कहते हैं कि संतोष गुप्त की जीत को लेकर अब कोई शक-सुबहा की गुंजाइश नहीं रह गई है। वह अपने लिए निर्णायक बढ़त बना चुके हैं।

    रही बात मनोज गुप्त की उम्मीदवारी की तो उनके सिर पर पूर्व मंत्री शादाब फातिमा का हाथ है। साथ ही हालिया बसपा छोड़ कर सपा में आए पूर्व विधायक कालीचरण राजभर के लोग भी उनकी हवा टाइट करने में लगे हैं। फिर इलाके की राजनीति में बड़ी अहमियत रखने वाले ‘कोल्डस्टोर’ का आशीर्वाद भी मनोज गुप्त को ही मिलने की चर्चा है। भाजपा एमएलसी विशाल सिंह चंचल के लोग भी मनोज गुप्त की ही पैरवीकारी में लगे बताए जा रहे हैं।

    हालांकि मनोज गुप्त की हवा निकालने में आमादा लोग सोशल मीडिया पर वायरल हो रही मनोज गुप्त की कथित ऑडियो क्लिप को मुद्दा बनाकर उछाल रहे हैं। उनका कहना है कि बड़बोले मनोज गुप्त ने कासिमाबाद के मानिंद लोगों को हर्ट किया है। मनोज गुप्त के इस कृत्य से पूर्व ब्लॉक प्रमुख देवेंद्र सिंह सरीखे लोग बिदक गए हैं।

    कासिमाबाद ब्लॉक प्रमुख का पद पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित है। क्षेत्र पंचायत में कुल 120 सदस्य हैं। बहरहाल, आखिर में इन्हीं सदस्यों को तय करना है कि प्रमुख की कुर्सी पर कौन बैठेगा। नामदार कि दामदार…।

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