जिला पंचायतः सपा को मात देने के लिए पिछड़ा कार्ड आजमाएगी भाजपा!

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    गाजीपुर। जिला पंचायत चेयरमैन की कुर्सी को लेकर भाजपा इस बार कुछ ज्यादा ही संजीदा लग रही है और इस कुर्सी पर लगातार ढाई दशक से काबिज सपा को बेदखल करने में वह पिछड़ा कार्ड आजमा सकती है।

    हालांकि अपना कार्ड भाजपा अभी ओपेन नहीं की है लेकिन पार्टी के जिला स्तरीय रणनीतिकारों से जुड़े लोगों की मानी जाए तो जिला संगठन मनिहारी पंचम सीट से निर्विचत सदस्य डॉ.वंदना यादव का नाम बतौर उम्मीदवार ऊपर प्रस्तावित भी कर चुका है। डॉ.वंदना के पति डॉ.विजय यादव पार्टी के किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री हैं।

    पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि जिला पंचायत चेयरमैन चुनाव में सपा को मात पिछड़ा कार्ड चल कर ही दिया जा सकता है। इसके पीछे उनका तर्क भी है कि जिला पंचायत में इस बार सर्वाधिक यदुवंशी पहुंचे हैं। प्रतिद्वंद्वी सपा के लिए यही मजबूत ताकत हैं। इस ताकत को चुनाव मैदान में कमजोर करना तभी संभव होगा जब हम बिरादरी डॉ.वंदना यादव विकल्प के रूप में मुकाबिल रहेंगी। फिर उनके जरिये पार्टी के लिए आगे भी सपा के परंपरागत वोट बैंक में सेंधमारी की गुंजाइश बनी रहेगी। भाजपा संगठन को यह भी पक्का भरोसा है कि डॉ.वंदना यादव चेयरमैन के चुनाव में सपा की हर फितरत का जवाब देने में अकेले सामर्थ्यवान हैं। शायद यही वजह रही कि जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में पार्टीजनों सहित डॉ.वंदना यादव के अभियान में शामिल रहे उनके अपने समर्थक भी उन्हें भावी चेयरमैन के रूप में ही पेश करते रहे।

    बहरहाल यह तो भाजपा का प्रदेश नेतृत्व को तय करना है कि जिला पंचायत चेयरमैन चुनाव किसे लड़ाया जाए लेकिन उधर सपा के रणनीतिकार भी मन ही मन मना रहे हैं कि डॉ.वंदना यादव उम्मीदवार न बनें। बल्कि उनके लिए महफूज हालात तब रहेंगे जब भाजपा किसी अगड़े को मुकाबिल करेगी। उस दशा में जंग-ए-मैदान में अगड़ा बनाम पिछड़ा का मुद्दा खड़ा कर सहजता से मैदान मार लिया जाएगा।

    मालूम हो कि सपा चेयरमैन के लिए जमानियां प्रथम सीट से निर्वाचित कुसुमलता यादव पत्नी मुकेश यादव को पहले ही अपना उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। बल्कि निर्णायक बढ़त के लिए सपा के जिम्मेदार नेता अभियान को गति देने में रात-दिन जुटे हैं। वह अपनों को यही समझा रहे हैं कि उनकी थोड़ी सी गफलत की कीमत पार्टी को चुकानी पड़ेगी और जिला पंचायत में उनका खुद का मान सम्मान तभी सुरक्षित रहेगा जब वहां पार्टी का कब्जा बरकरार रहेगा।

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