महामारी से निपटने में योगी सरकार की कवायद पर मुतमइन हैं व्यापारी

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    गाजीपुर। महामारी के रोकथाम को लेकर योगी सरकार की कोशिशों पर व्यापारी मुतमइन हैं। कम से कम गाजीपुर के व्यापारी तो सरकार के कार्यों को सराह रहे हैं।

    पीडब्ल्यूडी डाक बंगले में ठहरे सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यागजन सशक्तिकरण मंत्री अनिल राजभर से शुक्रवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के लोग जिलाध्यक्ष अबु फखर खां की अगुवाई में मिले और मांग पत्र सौंपे। उन्होंने कहा कि कोविड की दूसरी लहर के कारण प्रदेश का समस्त उद्योग एवं व्यापार पूरी तरह से पस्त हो गया है। इस महामारी में न जाने कितने व्यापारी काल के गाल में समा चुके हैं। व्यापारी समुदाय पिछले लॉकडाउन के दुष्प्रभाव से उबर भी नहीं पाया था कि

    कोरोना की दूसरी लहर ने विनाशकारी रूप ले लिया है। ऐसे में जीवन और जीविका को एक साथ बचाना मुश्किल हो गया है। इस महामारी को मिटाने के लिए सरकार की ओर से संपूर्ण प्रदेश में किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं। इसके लिए सरकार बधाई की पात्र है लेकिन बर्बाद हो चुके व्यापारियों को सरकार से कई अपेक्षाएं हैं।

    व्यापारियों की दुकानें, प्रतिष्ठान खोलने की बात पर मंत्री ने कहा कि 31 मई तक लॉकडाउन है। अगर किन्हीं कारण इसे फिर बढ़ाने की नौबत आई तो सरकार गाइडलाइन जारी करेगी। उन्होंने व्यापारियों से इस महामारी से निपटने में सहयोग की अपेक्षा भी की।

    इस मौके पर कमरुज्जमा, आकाशदीप, प्रदीप कुमार, अरुण, फराज खान आदि व्यापारी नेता थे। जमानियां विधायक सुनीता सिंह भी मंत्री के साथ मौजूद थीं।

    …और यह रही मांगें

    उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल की ओर से मंत्री अनिल राजभर को सौंपे गए मांग पत्र में जीएसटी एवं मंडी शुल्क में पंजीकृत व्यापारी के कोरोना में निधन पर उसके आश्रितों को कम से कम दस लाख और किसी अन्य विभाग में पंजीकृत व्यापारी के आश्रितों को पांच लाख एवं अपंजीकृत व्यापारी, ठेला, पटरी व फुटपाथ पर व्यापार करने वाले व्यापारी के आश्रित को एक  लाख का मुआवजा देने, तीन माह के बैंक कर्ज की ब्याज माफी, बिजली के तीन माह के फिक्स चार्ज की समाप्ती, मंडी समिति एवं स्थानीय निकायों की आवंटित दुकानों के तीन माह का किराया माफ करने के साथ ही बैंकों के कर्ज की किस्तें जमा करने का समय इस साल 31 अगस्त तक बढ़ाने की मांग शामिल थी।

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