जिला पंचायतः तिकोने मुकाबले के आसार! निर्णायक भूमिका निभाएंगे निर्दल और बसपाई

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    गाजीपुर। अब जिला पंचायत के चेयरमैन चुनाव को लेकर सियासत गरमाने लगी है। मौजूदा सूरते हाल में तिकोने मुकाबले के आसार लग रहे हैं और तब यह भी कि बसपा तथा निर्दलीय सदस्य ही निर्णायक भूमिका में होंगे।

    सपा की दावेदार कुसुमलता यादव की ओर से टिकट के लिए पार्टी के जिला कार्यालय में रविवार को विधिवत आवेदन पड़ गया। सपा की उम्मीदवारी के लिए फिलहाल कुसुमलता इकलौती आवेदक हैं। इसी तरह भाजपा में भी  वंदना यादव चेयरमैन का चुनाव लड़ने की अकेली दावेदार हैं। उधर निर्दलीयों में भी अभी तक मात्र सपना सिंह चेयरमैन की दावेदारी की हैं जबकि बसपा की ओर से इस पद के लिए अभी तक कोई दावेदार सामने नहीं आया है।

    चेयरमैन का चुनाव जिला पंचायत के नवनिर्वाचित सदस्य करेंगे। इनकी कुल संख्या 67 है। दलीय संख्या देखा जाए तो सपा सब पर भारी है। बसपा दूसरे और भाजपा तीसरे स्थान पर है। यह मूल्यांकन खुद इन दलों के जिलाध्यक्षों के दावे के आधार पर है। सपा के 25, बसपा दस, भाजपा छह और कांग्रेस के दो सदस्य चुन कर जिला पंचायत में आए हैं। इस हिसाब से शेष 24 नवनिर्वाचित सदस्य स्वतंत्र हैं।

    हालांकि निर्दलीय नवनिर्वाचित सदस्यों में दस पर सपा जिलाध्यक्ष रामधारी यादव अपना हक जता रहे हैं तो बसपा जिलाध्यक्ष अजय भारती का भी कमोवेश यही दावा है लेकिन हकीकत यही है कि निर्दलियों के लिए चेयरमैन चुनते वक्त दलीय नैतिकता, प्रतिबद्धता आड़े नहीं आएगी। वह पूरी तरह स्वतंत्र रहेंगे और इस मामले में बसपा वाले भी खाली ही रहेंगे।

    खैर, चुनावी गणित बैठाना जहां सपा की कुसुमलता के लिए सहजता रहेगी वहीं भाजपा की वंदना यादव के लिए सहज नहीं रहेगा और निर्दल सपना सिंह को तो अपने लिए शुरुआत ही शून्य से करनी है। अगर इन तीनों में चाहे जैसे मुकाबला बराबरी का हुआ तो जीत के लिए किसी एक को कम से कम 23 वोट जुटाना जरूरी होगा।

    इस दशा में हैरानी नहीं कि ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ की नौबत आ सकती है। वैसे इस चर्चा पर सपा के वरिष्ठ नेता मुन्नन यादव कहते हैं कि यह उपाय वह सोचे जिसके पास जिला पंचायत में सिवाय अपना छोड़ कर दूसरा वोट नहीं है। जिला पंचायत में सबसे बड़ी पार्टी होने का गौरव सपा इस बार भी हासिल की है। सपा की इस हैसियत में रहते हॉर्स ट्रेडिंग की बात बेमानी है। अगर ऐसा होता तो अनुसूचित जाति की निहायत गरीब परिवार की पंचरतनी देवी को कभी चेयरमैन की कुर्सी पर बैठने का मौका नहीं मिला होता। मुन्नन यादव ने कहा कि आज जिला, प्रदेश और देश के जो हालात हैं, उससे आम जनता एकदम से अकुता चुकी है। वह भाजपा की हुकूमत से छुटकारा चाहती है और इसकी शुरुआत का मौका जनता ने इस पंचायत चुनाव में दिया है। इसका एहसास गाजीपुर के भी सपाजनों को है। वह न भाजपा की बिरादरी वाले जज्बाती हथकंडे में फंसेंगे और न भाजपा की विचारधारा वालों का अपने धनबल के जरिये इन्हें तोड़ने का ख्वाब ही पूरा होगा।

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