अपनी ही विधायकों के इलाके में भाजपा की जमानत जब्त

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    गाजीपुर। इस बार के पंचायत चुनाव को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का रिहर्सल माना जाए तो भाजपा की तीनों विधायक का पास होना मुश्किल ही रहेगा।

    पार्टी की सदर विधायक डॉ. संगीता बलवंत के निर्वाचन क्षेत्र में जिला पंचायत की सदर, करंडा तथा देवकली ब्लॉक की सीट (आंशिक) है लेकिन इनमें किसी भी सीट पर पार्टी उम्मीदवार की जीत तो दूर उनकी जमानत तक नहीं बच पाई। उधर जमानियां विधायक सुनीता सिंह के निर्वाचन क्षेत्र में भदौरा ब्लॉक के अलावा जमानियां तथा रेवतीपुर ब्लॉक की सीट (आंशिक) रही। यहां भी भाजपा का नतीजा सिफर ही रहा। पार्टी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। यह तब की स्थिति है जब सुनीता सिंह ने पार्टी उम्मीदवारों के प्रचार अभियान के दौरान अपनी मेहनत में कोई कमी नहीं की थी।

    कमोवेश यही स्थिति अलका राय के मुहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र की रही। हालांकि इस क्षेत्र की भांवरकोल तृतीय सीट पर पार्टी उम्मीदवार रेखा राय ने जीत हासिल कर विधायक की कुछ इज्जत बचा ली। इस क्षेत्र में जिला पंचायत की भांवरकोल, मुहम्मदाबाद तथा रेवतीपुर की सीटें शामिल हैं।

    भाजपा के खिलाफ लहर में पार्टी के जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह की गृह जिला पंचायत सीट मनिहारी तृतीय पर भी भाजपा की नैया डूब गई।

    पर जीत गई पूर्व विधायक की बेटी

    भाजपा की मौजूदा विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्र की जिला पंचायत सीटों पर भले ही पार्टी को जीत के लाले पड़ गए लेकिन पार्टी के पूर्व विधायक सिंहासन सिंह की बेटी जरूर सुनंदा सिंह एकतरफा मुकाबले में बाजी मार कर जिला पंचायत में पहुंच गईं। वह रेवतीपुर की चतुर्थ सीट से चुनाव लड़ी थीं। उन्हें कुल छह हजार 821 वोट मिले। उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी नूरशबा मात्र दो हाजर 774 वोट ही बटोर पाईं। भाजपा की अधिकृत उम्मीदवार उषा राजभर छठवें स्थान पर पहुंच गईं। मालूम हो कि आवेदन के बाद भी भाजपा ने सुनंदा को टिकट नहीं दिया था।

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