करंडा प्रथम: विधायक के चहेते को पाचू ने चटाया धूल

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    गाजीपुर। जिला पंचायत की करंडा प्रथम सीट को लेकर सपा में ही कशमकश की स्थिति रही और जीत पार्टी के बागी उम्मीदवार शिवपूजन यादव पाचू की हुई।

    पाचू उस सीट पर पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार थे लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। पार्टी के जिला नेतृत्व ने उस सीट को शुरुआत में फ्रीफाइट के लिए छोड़ दिया लेकिन चुनाव अभियान के आखिरी दौर में विनोद यादव को अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर दिया गया। इसके पीछे पार्टी विधायक डॉ. बीरेंद्र यादव का दबाव बताया गया। तब चर्चा आई थी कि डॉ. बीरेंद्र यादव पाचू को हरगिज नहीं चाहते हैं। इसकी वजह 2015 का चुनाव है। उस चुनाव में डॉ. बीरेंद्र यादव खुद उस सीट से पार्टी के उम्मीदवार थे जबकि पाचू ने बगावत कर उनके विरुद्ध ताल ठोक दिया था। काफी मान मनौव्वल के बाद भी वह मैदान में डटे रहे। हालांकि जीत डॉ. बीरेंद्र यादव की ही हुई थी और पाचू तीसरे स्थान पर रहे थे। बाद में जब डॉ. बीरेंद्र यादव विधायक बनने के बाद वह सीट छोड़ दिए थे। फिर उप चुनाव हुआ। पार्टी डॉ. बीरेंद्र यादव की सिफारिश पर लाल बहादुर यादव को मौका दी और पाचू को दोबारा मैदान में न उतरने के लिए मना ली लेकिन इस बार जब चुनाव की बारी आई तो पार्टी ने विनोद यादव को उनके विरुद्ध मुकाबिल कर दिया। बावजूद पार्टी का इलाकाई कॉडर पाचू का साथ दिया। नतीजा भी मिला। विनोद यादव चार हजार 852 वोट पाकर भी न सिर्फ दूसरे स्थान पर चले गए बल्कि अपनी जमानत भी गवां बैठे। पाचू ने दो हजार 243 वोट के फासले से शानदार जीत दर्ज कराई। पाचू की लहर में भाजपा भी उड़ गई। भाजपा उम्मीदवार संतोष कुमार सिंह पांचवें स्थान पर चले गए।

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