मासूम बेटे के सामने पत्नी की कर दी नृशंस हत्या

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    गाजीपुर। जालिम पति ने मासूम बेटे के सामने ही पत्नी को ईंट से कूंच-कूंच कर मार डाला। पत्नी की चीख पुकार के बाद भी कोई पड़ोसी बचाव के लिए आगे नहीं आया। पत्नी को मौत की नींद सुलाने के बाद भी पति मौके पर ही पुलिस के आने तक बैठा रहा। दिल दहलाने वाली यह घटना सादात थाने के बरहपार भोजूराय गांव में सोमवार की सुबह करीब सात बजे की है।

    पड़ोस की महिलाओं ने बताया कि पत्तू पाल के घर के अंदर से उसकी पत्नी बिंदा देवी (40) की चीख पुकार सुनाई पड़ी लेकिन घर का दरवाजा अंदर से बंद था। कुछ देर बाद दरवाजा खुला और पत्तू अपने छोटे बेटे विशाल के साथ बाहर बैठ गया। मामले की नाजुकता समझ किसी ने पुलिस को सूचना दी। एसओ सादात दिव्यप्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे। मौके पर घटना में प्रयुक्त ईंट रक्त रंजित मिला। पत्तू पाल की शर्ट पर भी खून के धब्बे थे। पहली पत्नी के निधन के बाद पत्तू पाल की बिंदा देवी से शादी हुई थी। पत्तू पाल सूरत में किसी निजी कंपनी में काम करता था। वहां भी उसने किसी महिला से शादी कर ली थी और बिंदा को खर्चा भी नहीं भेजता था। बिंदा गांव की महिलाओं के कपड़ों की सिलाई, कढ़ाई कर किसी तरह अपना गुजर बसर कर रही थी। उसके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा आशीष कक्षा 11 तथा छोटा विशाल कक्षा सातवीं में पढ़ता है। ग्रामीणों के अनुसार पत्तू सूरत से घर कब लौटा था। यह उन्हें नहीं मालूम। घटना के बाद ही गांव के लोगों ने उसे देखा।

    पत्तू ने पत्नी को मौत के घाट क्यों उतारा। इस सवाल पर एसओ सादात ने बताया कि पूछताछ में उसने इसके पीछे पत्नी की चरित्रहीनता को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि एसओ सादात ने इस बात से इन्कार नहीं किया कि उसकी मंशा सूरत में तीसरी पत्नी के चलते बिंदा से छुटकारा पाना रहा हो। एसओ ने बताया कि पूरे घटनाक्रम का चश्मदीद बिंदा का छोटा बेटा रहा। एसओ का कहना था कि बिंदा की चीख पुकार पर पड़ोसी मदद में पहुंचे होते तो संभव था कि बिंदा की जान बच गई होती। बिंदा का मायका उसी क्षेत्र के डढ़वल गांव में था। हत्या के मामले में उसके भाई सत्यनारायण पाल ने बहनोई पत्तू के खिलाप एफआईआर दर्ज कराई। सत्यनारायण ने बताया कि छह माह पहले भी पत्तू घर आया था और बिंदा के साथ मारपीट की थी।

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