अपने अपमान का बदला लेने के लिए मनबढ़ों ने किया था राजा बिंद का कत्ल

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    गाजीपुर। अपमान का बदला लेने के लिए कोतवाली जमानियां के भैदपुर गांव में राजमिस्त्री राजकुमार बिंद राजा (30) की हत्या हुई थी। उसकी हत्या को अंजाम देने वालों में शामिल दो मनबढ़ युवक अरुण यादव तथा प्रिंस यादव ने पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद यह राज खोले। यह गिरफ्तारी शनिवार की सुबह हुई। दोनों जमानियां कोतवाली के ही हरपुर गांव के रहने हैं। टीम के साथ गश्त पर थे। तभी बजरिये मुखबिर उन्हें सूचना मिली कि राजा बिंद हत्याकांड के वांछित मुल्जिमान बड़ौदा बैंक तिराहे के पास मौजूद हैं। उसके बाद दोनों मुल्जिमानों को धर दबोचा गया।

    पूछताछ में अरुण यादव तथा प्रिंस यादव अपना जुर्म कबूलते हुए बताए कि बीते 17 मार्च की शाम उनके दो साथी भैदपुर गांव के पास से पैदल ही गुजर रहे थे। तभी राजा बिंद का छोटा भाई बाला बिंद बाइक से आया। बाइक की तेज रफ्तार के कारण धूल उड़ने लगी थी। उसके लिए उन दोनों साथियों ने उसे टोका लेकिन बाला बिंद जानबूझ कर अपनी बाइक की रफ्तार और बढ़ा दिया। फिर अपने गांव भैदपुर की पुलिया के पास जाकर रुक गया। तब तक वह दोनों भी पहुंच गए। उन लोगों ने उसे दोबारा टोका तो वह झगड़े पर आमादा हो गया। उसी बीच बाला का भाई राजा तथा पिता फूलचंद बिंद सहित उसके गांव के अन्य एक-दो भी मौके पर पहुंच गए। उनका बल पाकर बाला और उखड़ गया। उन्हें गालियां देने के साथ ही वह लोग उन दोनों से हाथा-पाई करने लगे। पलड़ा कमजोर देख वह दोनों वहां से भागने में ही अपनी भलाई समझे लेकिन बाला, राजा और उनके पिता की ओर से खुद के संग किए व्यवहार को अपना अपमान समझे। इसका बदला लेने के लिए वह अपने साथियों को लेकर बाला के घर चढ़ आए। जहां लाठी-डंडे, लोहे के राड से बाला के पिता तथा राजा बिंद पर हमला बोल दिए। उसी बीच उनमें एक ने राजा को गोली मार दी। उसके बाद वह सभी मौके से भाग गए। कुछ घंटे बाद राजा का बीएचयू ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान दम टूट गया था।

    इधर पुलिस कप्तान ने दोपहर में अपने ऑफिस में गिरफ्तार दोनों युवक अरुण यादव तथा प्रिंस यादव को मीडिया के सामने पेश किया। बताया कि इनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त तमंचा सहित दो तमंचे मय कारतूस बरामद हुए हैं। पूछताछ में इन दोनों ने अपने साथियों हरपुर गांव के ही लालू यादव, सदानंद यादव, शिव कुशवाहा, विकास यादव और कालनपुर खिदिरपुर के धर्मेंद्र सिंह यादव की संलिप्तता कबूली है।

    पुलिस कप्तान बताए कि गिरफ्तार अरूण यादव का आपराधिक इतिहास है। जमानियां कोतवाली में लूट,दिलदारनग थाने में चोरी का मामला पहले से ही दर्ज है। इसी तरह हत्याकांड में वांटेड लालू यादव भी अपराधी प्रवृत्ति का है। बल्कि राजा बिंद हत्याकांड में बचने की गरज में वह वाराणसी में एक पुराने मामले में जमानत तोड़वा कर वहां की जेल चला गया है।

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