मासूम की हत्या करने वाले चाचा को उम्रकैद, डेढ़ लाख का अर्थदंड

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    गाजीपुर। पैतृक जमीन का बंटवारा न करने से क्षुब्ध होकर अपने ही सगे एक भतीजे का कत्ल और दूसरे की कत्ल की कोशिश के मामले में चाचा धनंजय राजभर को एडीजे (तीन) डॉ.लक्ष्मीकांत राठौर ने सोमवार को उम्रकैद और कुल डेढ़ लाख के अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता जयप्रकाश सिंह ने पैरवी की।

    अभियोजन के अनुसार बिरनो थाने के बीबीपुर वाजिदपुर में 24 जुलाई 2016 की शाम करीब साढ़े चार बजे धनंजय राजभर कुल्हाड़ी लेकर अपने बड़े भाई संजय राजभर के कमरे में घुसा और उनके बड़े बेटे अमरनाथ (11) पर हत्या के इरादे से हमला बोल दिया। उसी बीच छोटा बेटा रवि राजभर (6) भी आ गया। धनंजय उस पर भी कुल्हाड़ी लेकर पिल पड़ा। संजय की चीख पुकार सुनकर परिवार के अन्य लोग मौके पर आ गए। उसके बाद धनंजय भाग गया। घायल दोनों भाइयों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने अमरनाथ को मृत घोषित कर दिया। लंबे इलाज के बाद रवि बच गया।

    मुकदमे की सुनवाई में अभियोजन की ओर से दस गवाह पेश किए गए। उनमें शामिल आरोपित धनंजय का पिता कमला राजभर पक्षद्रोही हो गया जबकि शेष नौ गवाहों ने अभियोजन के कथानक का समर्थन किया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों, साक्ष्यों के आधार पर धनंजय राजभर को हत्या और हत्या के प्रयास में कसूरवार करार दिया। धनंजय गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में है।

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