ढाबा कांड: अज्ञात हत्यारे चिन्हित, पुलिस को ‘डीवीआर’ की तलाश

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    गाजीपुर। शहर कोतवाली के बहुचर्चित कालिका ढाबा कांड में संलिप्त पांच अज्ञातों की पुलिस ने जहां पहचान कर ली है। वहीं मौके से गायब सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर के मामले में उसके हाथ खाली हैं।

    पुलिस डीवीआर का गायब होना अहम सबूत मिटाने की साजिश का नतीजा मान रही है। जाहिर है कि मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरे में सिक्वेंस ऑफ इवेंट के साथ ही उसमें संलिप्त चेहरे भी आए होंगे।

    पुलिस सूत्रों की मानी जाए तो डीवीआर गायब करने की साजिश का मास्टर माइंड की भी पहचान हो गई है लेकिन इत्तेफाकन वह शख्स बड़ा रसूख वाला है लिहाजा पुलिस बगैर ठोस सबूत उसके गिरेंबा पर हाथ डालने से हिचक रही है।

    मालूम हो कि दस मार्च की रात बड़े भाई तथा साथियों संग अपना जन्मदिन सेलिब्रेट करने गए वीडीओ विजय प्रताप यादव (25) की मामूली विवाद में हत्या कर दी गई थी जबकि उनके साथी सोम यादव को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। उस मामले में वीडीओ के चचेरे भाई की ओर से दर्ज एफआईआर में नामजद ढाबा मालिक दीपक सिंह और राजकुमार सिंह के अलावा कुल सात अज्ञातों में शामिल अब्दुल कादिर तथा प्रवीण सिंह को पुलिस जेल भेज चुकी है।

    शहर कोतवाल विमल मिश्र ने बताया कि शेष अज्ञात अभियुक्तों की भी पहचान कर ली गई है। वह माने कि मौके से गायब सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर अब तक नहीं मिला है। मृत वीडीओ विजय प्रताप यादव शहर के गोराबाजार के रहने वाले थे और जौनपुर के डोभी ब्लॉक के चंदवक में तैनात थे।

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