किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में युवक को दस साल की कैद

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    गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट-तीन) सरोज यादव ने मंगलवार को किशोरी के अपहरण, दुष्कर्म के मामले में आरोपी हरिवंश कनौजिया को दस साल की कड़ी कैद और 75 हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया। अर्थ दंड न देने पर उसे पांच माह की और कैद भुगतनी होगी।

    मामला दुल्लहपुर थाने के मलेठी गांव का है। अभियोजन के अनुसार तीन फरवरी 2014 को हरिवंश अपने ही पड़ोस की किशोरी को स्कूल जाते वक्त बहला-फुसला कर मुंबई लेकर भाग गया। उसके बाद किशोरी के पिता ने उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई। मुंबई में किशोरी के साथ हरिवंश कई दिनों तक दुष्कर्म करता रहा। फिर उसे लेकर लौटा तब पुलिस उसको गिरफ्तार कर जेल भेजी। बाद में वह जमानत पर जेल से बाहर आ गया।

    मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अधिकारी प्रभुनरायण सिंह ने कुल आठ गवाह पेश किया। सभी ने अभियोजन के कथानक की पुष्टि की। विशेष अभियोजक अधिकारी ने पीड़िता के 164 के तहत हुए बयान और उसकी नाबालिग उम्र को लेकर स्कूल के प्रिंसिपल के प्रमाण पत्र को आधार बनाया।

    न्यायाधीश ने अभियोजन के तर्कों, साक्ष्यों को पुष्ट मानते हुए आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। घटना के वक्त हरिवंश कनौजिया अविवाहित था लेकिन जमानत पर छूटने के बाद उसकी शादी हुई।

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