डढ़वल कांड: पुलिस की कर्रवाई से संतुष्ट नहीं सपाई

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    गाजीपुर। डढ़वल कांड में पुलिस की अब तक की कार्रवाई से सपा के संतुष्ट नहीं है। पार्टी के प्रदेश नेतृत्व की ओर से गठित जांच टीम सोमवार को सादात थाने के डढ़वल गांव पहुंची और घटना स्थल का जायजा लेने के साथ ही पीड़ित परिवार से मिल कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी हासिल की।

    डढ़वल से टीम के लौटने के बाद पार्टी के मीडिया प्रभारी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पार्टी की टीम हर बिंदु की जांच के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंची कि डढ़वल की घटना अपराधियों पर पुलिस के खत्म हो चुके खौफ का नतीजा है और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण हासिल है। इस घटना में पुलिस की भूमिका पीड़ित परिवार नहीं बल्कि हमलावर को बचाने में वह भरसक कोशिश कर रही है। इसके लिए हमलावर के विरुद्ध दर्ज एफआईआर में पॉक्सो सहित अन्य कई गंभिर धाराएं तक नहीं लगाई गईं।

    जांच टीम की अगुवाई कर रहे राष्ट्रीय सचिव रमाशंकर विद्यार्थी ने चेतावनी दी है कि पीड़ित परिवार को इंसाफ के साथ ही 20 लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा नहीं मिला और सादात थानाध्यक्ष का निलंबन तथा घटना में शामिल अन्य अभियुक्तों की दो सप्ताह के अंदर गिरफ्तारी नहीं हुई तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करेगी।

    मौके पर पहुंची पार्टी की जांच टीम में विधायक सैदपुर सुभाष पासी को छोड़ कर अन्य सदस्य विधायक डॉ. विरेंद्र यादव, अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष रामदुलार राजभर पूर्व मंत्री सुशीला राजभर, पूर्व एमएलसी द्वय विजय यादव तथा रामजतन राजभर तथा पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश कुशवाहा थे।

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    मालूम हो कि बीते 23 जनवरी की सुबह डढ़वल गांव में राजभर समाज की किशोरी शौच के लिए घर से निकली थी। उसी बीच गांव का ही युवक नंदकिशोर तिवारी धारदार हथियार से हमला कर उसके हाथों की कई अंगुलियां काट कर अंग से अलग करने के साथ ही उसकी गर्दन पर भी गंभीर चोट पहुंचाई थी। पुलिस घटना के कुछ ही देर बाद युवक को गिरफ्तार कर ली थी। किशोरी को बेहतर इलाज के लिए ट्रामा सेंटर बीएचयू रेफर कर दिया गया था।

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