कोविड-19: वैक्सीनेशन शुरू, सीएमओ को पहला डोज

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    गाजीपुर। कोविड-19 को लेकर वैक्सीनेशन का काम शनिवार को गाजीपुर में भी शुरू हो गया। शुरुआत सीएमओ जीसी मौर्य से हुई। उन्हें वैक्सीन का पहला डोज दिया गया। उस मौके पर मौजूद डीएम एमपी सिंह ने कहा कि आज का दिन गाजीपुर के लिए गौरव और प्रसन्नता का दिन है।

    डीएम ने कहा कि वैक्सीनेशन की पूरी तैयारी पहले से ही कर ली गई थी। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन में वीआईपी कल्चर कतई नहीं चलेगा। शासन की गाइड लाइन के अनुसार ही वैक्सीन लगेगी। वैक्सीनेशन से पहले संबंधित लोगों का रजिस्ट्रेशन होगा। वैक्सीनेशन स्थल पर गैर लोगों की मौजूदगी की मनाही होगी।

    इस मौके पर सीएमओ ने बताया कि वैक्सीनेशन का यह पहला चरण है। इसमें सरकारी और निजी क्षेत्र के चिकित्सा तथा स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगनी है। गाजीपुर में इनकी कुल संख्या 13 हजार 250 है। वैक्सीनेशन के लिए चार केंद्र बनाए गए हैं। इनमें जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल के अलावा सीएचसी सैदपुर तथा सीएचसी जखनियां शामिल है। हर केंद्र पर हर रोज अधिकतम 100 लोगों को ही वैक्सीन लगेगी।

    …और दूसरा डोज 28 दिन बाद

    वैक्सीन के दो डोज लगेंगे। पहला डोज के बाद दूसरा डोज 28 दिन बाद लगेगा। वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट नहीं है। वैक्सीन का डोज लेने के बाद सीएमओ जीसी मौर्य सहज भाव में मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया- मेरी अवस्था 61 साल की है। वैक्सीन का डोज लगवाने के बाद मैं 35 मिनट निगरानी कक्ष में रहा। मैं खुद को बेहतर महसूस कर रहा हूं। जनसमान्य से आग्रह है कि वह वैक्सीन को लेकर किसी तरह की आशंका न रखें। क्रमवार वैक्सीन सबके लिए उपलब्ध कराई जाएगी। जिला महिला अस्पताल में एसीएमओ डीपी सिन्हा से वैक्सीनेशन की शुरुआत हुई जबकि जिला अस्पताल में सीएमओ के बाद एसीएमओ उमेश कुमार व अन्य को वैक्सीन का डोज दिया गया।

    कुल 16 हजार 190 डोज उपलब्ध

    एसीएमओ डीपी सिन्हा ने बताया कि गाजीपुर को पहली खेप में वैक्सीन का कुल 16 हजार 190 डोज प्राप्त हुआ है। उसकी एक फाइल पांच एमएल की है। यह वैक्सीन शुद्ध रूप से स्वदेशी है। इसका उत्पादन विश्व की जानी मानी भारत की कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ने किया है। इसका ब्रांड नाम कोविशील्ड है। इसका एक व्यक्ति को 0.5 एमएल का डोज दिया जा रहा है। इस हिसाब से एक फाइल में कुल दस लोगों का वैक्सीनेशन होगा। यह डोज मस्कुलर इंजेक्ट (एमआई) के जरिये दिया जा रहा है।

    वैक्सीन की कोल्ड चेन पर खास जोर

    वैक्सीन की कोल्ड चेन का खास ख्याल रखा जा रहा है। इसके लिए जिला अस्पताल सहित जिले भर में कुल 18 जगह कोल्ड चेन रूम बनाए गए हैं। एसीएमओ उमेश कुमार ने बताया कि वैक्सीन को दो से आठ डिग्री टेंपरेचर पर रखा जा रहा है। एक सवाल पर एसीएमओ ने स्पष्ट किया कि  वैक्सीनेशन के वक्त एक फाइल खुलने के बाद उसे अधिकतम चार घंटे तक बाहर रखा जा सकता है।

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