मुख्तार की पत्नी को कोर्ट का झटका, अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज

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    गाजीपुर। मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशां अंसारी को सेशन कोर्ट ने सोमवार को झटका दिया। उनकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।

    अफशां अंसारी ने बीते 24 जनवरी को एडीजे (तृतीय) लक्ष्मीकांत राठौर की कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी डाली थी। तब श्री राठौर की नामौजूदगी में अर्जी पर एडीजे (पंचम) गौरव कुमार सिंह ने सुनवाई की थी। अफशा के वकील राजू मोहन यादव ने अपनी मुवक्कील के लिए अंतरिम राहत देने की गुजारिश की लेकिन न्यायाधीश ने उसे नहीं माना था और अगली सुनवाई की तारीख डाल दी थी।

    नीयत तारीख पर सुनवाई हुई। अफशां के वकील राजू मोहन यादव ने कहा कि उनकी मुवक्कील सम्मनित और राजनीतिक खानदान से ताल्लुकात रखती हैं। उनके पति मुख्तार अंसारी विधायक हैं। राजनीतिक साजिश के दबाव में पुलिस ने उन्हें होटल गजल के भूखंड की खरीद में झूठे फर्जीवाड़े के केस में फंसा दिया जबकि भूखंड की खरीद के वक्त विक्रेताओं ने फर्जी दस्तावेज को लेकर झांसा दिया। लिहाजा इस मामले में उनकी मुवक्कील एकदम बेकसूर हैं। इस बिना पर वह अग्रिम जमानत की हकदार हैं लेकिन न्यायाधीश ने उनके इस कथन को मानने से साफ इन्कार कर दिया और अर्जी खारिज कर दी।

    मालूम हो कि एडीजे (तृतीय) लक्ष्मीकांत राठौर ने ही 23 दिसंबर को मुख्तार के दोनों बेटे अब्बास अंसारी तथा उमर अंसारी की भी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर चुके हैं। मामला शहर के पॉश इलाके महुआबाग में गजल होटल से जुड़ा है। उसका निर्माण इसी जमीन पर करवाया गया था। इस लैंड डील में एसडीएम ने जांच के दौरान पाया था कि जमीन हासिल करने के लिए अंसारी परिवार ने नियमों की अनदेखी की है। उसमें फर्जीवाड़ा भी हुआ है। इस मामले में मुख्तार अंसारी की पत्‍नी और दोनों बेटों समेत 12 लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली में लेखपाल सत्यप्रकाश ने अगस्त में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस लैंड डील में नामजद 12 में से तीन जेल जा चुके हैं।

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