ग्राम प्रधानों की होगी छुट्टी, काउंडाउन शुरू

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    गाजीपुर। ग्राम प्रधानों को योगी सरकार ने बड़ा झटका दिया है। 25 दिसंबर की आधी रात उनके कार्यकाल खत्म होने के साथ ही कुर्सी छिन जाएगी। उनकी जगह प्रशासक तैनात हो जाएंगे।

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    हालांकि ग्राम प्रधानों को उम्मीद थी कि अगले चुनाव तक उन्हें बतौर कार्यवाहक काम करने का मौका सरकार देगी लेकिन निदेषक पंचायती राज किंजल सिंह ने वुधवार को गाजीपुर सहित प्रदेश के सभी डीएम को चिट्ठी भेज कर कहा कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर की रात 12 बजे पूरा हो जाएगा। उनकी जगह एडीओ प्रशासक के रूप में नियुक्त किए जाएंगे। ग्राम प्रधानों को अपने डोंगल वापस करने होंगे। चिट्ठी में यह भी कहा गया है कि ग्राम पंचायत में पांचवें राज्य वित्त आयोग व 15 वित्त आयोग से ग्राम प्रधानों की डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट) को भी निरस्त कर दिया जाएगा।

    चिट्ठी में स्पस्ट कहा गया है कि कार्यकाल पूरा होने के बाद ग्राम प्रधान कोई लेनदेन अथवा प्रमाण पत्र जारी करने के हकदार नहीं रह जाएंगे। अगर ऐसा वह करेंगे तो उसके लिए बीडीओ पंचायत और डीपीआरओ व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।

    गाजीपुर में 1230 प्रधान होंगे कार्यमुक्त

    गाजीपुर में कुल 1237 ग्राम पंचायते हैं लेकिन इनमें पांच ग्राम प्रधानों के फाइनेंशियल पॉवर पहले से ही सीज है। वहां का कामकाज तीन सदस्यीय कमेटियां कर रही हैं जबकि दो ग्राम प्रधान दिवंगत हो चुके हैं। उनकी जगह कार्यवाहक ग्राम प्रधान काम संभाल रहे हैं। इनके अलावा कम से कम 18 ग्राम प्रधान ऐसे हैं जिनपर गबन, घोटाले के आरोप हैं और उनकी जांच चल रही है।  

    ब्लाक मुख्यालय पर जमा होंगे डोंगल

    गाजीपुर। कार्यकाल खत्म होने के बाद ग्राम प्रधान अपने डोंगल संबंधित ब्लाक मुख्यालय पर जमा करेंगे। यह जानकारी प्रभारी डीपीआरओ रमेश उपाध्याय ने दी। उन्होंने निदेशक पंचायती राज की चिट्ठी का हवाला देते हुए कहा कि कार्यकाल खत्म होने के बाद ग्राम प्रधान एफटीओ अप्रूव नहीं कर सकते हैं।

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