नकली डिग्री पर बन गई थी टीचर, अब जाना पड़ा जेल

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    गाजीपुर। पिछले एक साल से पुलिस को रिंकू सिंह को तलाश थी। बहुचर्चित अनामिका शुक्ला मामले में हैरान कर देने वाले खुलासे के बाद बेसिक शिक्षा विभाग एसटीएफ की मदद से फर्जी टीचरों को अपने रेडार पर ले रखा है। रिंकू सिंह पर आरोप है कि इन्होंने बेसिक विभाग में शिक्षक की नौकरी पाने के लिए नकली टेट की डिग्री का सहारा लिया।

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    विभागीय जांच में सामने आया कि रिंकू सिंह ने फेक टेट की डिग्री लगा नौकरी पाने में कामयाब रही थी। रिंकू सिंह प्राथमिक विद्यालय अड़िला में सहायक अध्यापक के पद पर काम कर रही थी उसी दैरान विभागीय जांच में सभी शिक्षकों के समस्त प्रमाण पत्रों का जांच किए जाने संबंधित आदेश पारित हुआ। इसी क्रम में रिंकू सिंह के प्रमाण पत्रों को सत्यापन के दौरान फर्जी पाया गाया। तत्काल कार्रवाई करते हुए इनके खिलाफ मुकदमा बेसिक विभाग ने पंजीकृत कराया था। रिंकू 2015 से बेसिक विभाग में नियुक्त थी। रिंकू सिंह गिरफ्तारी के डर से  उत्तराखंड के कई जिलों में पहचान छुपा कर रहती रही।

    रिंकू पुलिस के गिरफ्त में उस समय आई जब वह, अपने पति के गुजरे के बाद तेरहवीं करने अपनी ससुराल आजमगढ़ लौटी।    पति का पिछले दिनों पीजीआई लखनऊ में इलाज के दौरान देहांत हो गया था।

    लंबे समय से रिंकू को ट्रैक कर रही पुलिस को मंगलवार सुबह पौने नौ बजे उसकी लोकेशन शादियाबाद थाना क्षेत्र के सौरी मोड़ पर मिली। फिर क्या था पुलिस वर्कआउट करते हुए रिंकू को अरेस्ट कर ली।

    रिंकू पर आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468 में शादियाबाद थाना में दर्ज किया गया था। रिंकू सिंह गाजीपुर के मनिहारी ब्लॉक के मोहब्बतपुर गांव की रहने वाली है। इनके दो बच्चें है।

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