मुख्तार के खास ‘कोल किंग’ को हाईकोर्ट जाना उल्टा पड़ा, लगा पांच लाख का जुर्मना

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    गाजीपुर। मुख्तार अंसारी के खास ‘कोल किंग’ उमेश सिंह को हाईकोर्ट जाना भारी पडा़। वहां राहत मिलने की बजाए उनको न सिर्फ कड़ी फटकार सुननी पड़ी बल्कि पांच लाख का जुर्माना भी लग गया।

    उमेश सिंह मऊ के जाने माने चेहरे हैं। वह त्रिवेणी कंस्ट्रक्शन और त्रिवेणी कोल डिपो के मालिक हैं। प्रशासन ने उन्हें मुख्तार अंसारी के गैंग (आईएस-191) में सूचीबद्ध किया है। इस मामले में मऊ के भिटी इलाके में उनकी दो मंजिली इमारत और मऊ शहर में ही बना भब्य शॉपिंग मॉल के साथ ही 25 लाख का कोयला जब्त कर लिया।

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    अपने खिलाफ इस कार्रवाई में राहत पाने के लिए उमेश सिंह हाईकोर्ट गए। अपनी याचिका में खुद को बेदाग साबित करने के लिए कई तथ्य, कथ्य और साक्ष्य दिए। यह भी कहे कि महज संदेह के आधार पर उन्हें मानसिक, आर्थिक चोट पहुंचाई जा रही है जबकि समाज में उनकी मान प्रतिष्ठा है।

    हाईकोर्ट में उमेश सिंह की याचिका पर सुनवाई के क्रम में सरकारी वकील ने उनके पुराने आपराधिक इतिहास प्रस्तुत करते हुए कहा की याची आदतन अपराधी है और इसने अपनी याचिका में अपने विरुद्ध दर्ज आपराधिक मामलों को छिपाया है। सरकारी वकील ने अपनी बात को और पुख्ता करने के लिए डीएम मऊ की ओर से की गई कार्रवाई का भी हवाला दिया। सरकारी वकील के कथन, सबूत को संज्ञान में लेते हुए न्यायमूर्ति पंकज नकवीं तथा विवेक अग्रवाल खंडपीठ ने याची को फटकार लगाते हुए कहा कि उसने कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की है। इसके लिए उसकी याचिका खारिज करने योग्य है। खंडपीठ ने लगे हाथ इस कृत्य के लिए उमेश सिंह पर पांच लाख का जुर्माना भी ठोक दिया। यहां तक कहा कि अगर उमेश सिंह जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है तो डीएम मऊ उसके विरुद्ध आरसी जारी कर उसकी वसूली सुनिश्चित करेंगे।

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