ग्राम प्रधान संघ को झटका, डीपीआरओ के निलंबन पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

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    गाजीपुर। ग्राम प्रधान संघ को मायूस करने वाली खबर है। डीपीआरओ अनिल सिंह के निलंबन पर बुधवार को हाईकोर्ट ने रोक लगा दी।

    ग्राम पंचायतों में कोविड-19 किट खरीद के कथित घोटाले में शासन ने अनिल सिंह को बीते सात सितंबर को निलंबित कर दिया था। उस निलंबन कार्रवाई को ग्राम प्रधान संघ ने उनके विरुद्ध अपनी लंबी लड़ाई का परिणाम बताया था जबकि निलंबन की कार्रवाई के साथ ही शासन ने घोटाले की जांच के लिए वरिष्ठ आईएएस अफसर रेणुका कुमार की अगुवाई में एसआईटी गठित कर दी थी। आरोप था कि शासन से निर्धारित 2800 की जगह 5900 रुपये प्रति किट की दर से खरीद हुई थी।

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    इस आरोप को मय साक्ष्य के साथ नकारते हुए अनिल सिंह ने अपने निलंबन के विरुद्ध हाईकोर्ट की शरण ली। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उनके दस्तावेजी सबूतों के आधार पर निलंबन की कार्रवाई पर स्टे दे दी। इसके साथ ही अब अनिल सिंह के लिए डीपीआरओ गाजीपुर की कुर्सी पर बैठने का रास्ता साफ हो गया है। उनके निलंबन के कई दिनों बाद शासन ने कार्यहित में एडीपीआरओ रमेश उपाध्याय को डीपीआरओ का प्रभार सौंपा था।

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