अमर सिंह को भुला नहीं पाए हैं सपाई, स्थापना दिवस पर किए याद

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    गाजीपुर। सपा के मौजूदा मुखिया अखिलेश यादव पार्टी की तरक्की, मजबूती में अमर सिंह के अहम योगदान को याद करते हैं या नहीं यह तो नहीं मालूम लेकिन गाजीपुर के पार्टीजन इस संदर्भ में अमर सिंह का नाम गिनाना नहीं भूलते हैं।

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    पार्टी का रविवार को 28 वां स्थापना दिवस था। इस अवसर पर समता भवन में कार्यक्रम हुआ। उसमें जिलाध्यक्ष रामधारी यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी का गौरवशाली और समृद्ध इतिहास है। जनेश्वर मिश्र, कपिल देव सिंह, मोहन सिंह, बृजभूषण तिवारी, जमुना प्रसाद बोस, आजम खां, बेनी प्रसाद वर्मा ,राम शरण दास और अमर सिंह सरीखे नेताओं की अगुवाई में पार्टी निरंतर आगे बढ़ते हुए आज इस मुकाम पर पहुंची है। पार्टी की प्रदेश में चार बार सरकार बनी। उसमें तीन बार पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव और एक बार अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने। पार्टी सदैव देश के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा के साथ जनता की बुनियादी जरूरतों को केंद्र में रख कर राजनीति करती रही है। बराबर गरीबों के साथ अन्याय, जुल्म-ज्यादती और शोषण के खिलाफ संघर्ष करती रही है। पार्टी का मुख्य मकसद समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कराहट लाना है और वह इसके लिए सतत संघर्षरत है।‌ साम्प्रदायिकता, सामंती और तानाशाहों के खिलाफ समाजवादी आज भी संघर्षरत हैं। जिलाध्यक्ष ने पार्टी की मजबूती और विस्तार के लिए कड़ी मेहनत करने का आह्वान करते हुए कहा कि पार्टी का विकास होगा तभी कार्यकर्ताओं का भी सम्मान बढ़ेगा और प्रदेश का चतुर्दिक विकास होगा। उन्होंने दावा किया कि कार्यकर्ताओं के बल पर फिर 2022 में प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व में पुनः सरकार बनेगी। इसके लिए कार्यकर्ताओं को अभी से जुटना होगा।

    इस अवसर पर जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं का मुंह मीठा कराया। कार्यक्रम में सदानंद यादव, अरुण कुमार श्रीवास्तव, कन्हैयालाल विश्वकर्मा, रामयश यादव, राजेश कुमार यादव, आत्मा यादव, रामाशीष, आजाद राय, द्वारिका यादव, राजू कुमार गुप्त, विवेक कुमार गुप्त, लड्डन खां, नन्हें आदि थे।

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