माफिया संजय यादव अब गाजीपुर में तलाश रहा सियासी जमीन!

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    गाजीपुर। आजमगढ़ के बाद माफिया संजय यादव अब अपने गृह जिला गाजीपुर में सियासी जमीन तलाश रहा है। इस चर्चा को सादात थाने के कनेरी की घटना ने और बल दे दिया है। यही नहीं बल्कि वह घटना संजय यादव को गाजीपुर में सियासी जमीन तैयार करने के लिए एक तरह से खाद-पानी का भी काम कर दी है।

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    कनेरी की घटना इस कदर माउथ मीडिया, सोशल मीडिया और वेब-प्रिंट मीडिया में सुर्खियां बनी कि संजय यादव के प्रचार का काम उतना हो गया जितना कि करने में उसे कई माह और साल लग जाते।

    गाजीपुर के थाना बहरियाबाद के बनकटा गांव के रहने वाले संजय यादव की गाजीपुर के यदुवंशी समाज और समाजवादी पार्टी में कोई खास पहचान नहीं रही है। अलबत्ता गाजीपुर पुलिस की फाइलों में उसकी कुख्याती जरूर दर्ज है।

    कनेरी में संजय यादव के छोटे भाई ओमकार यादव के साथ सादात ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि कमलेश सिंह हकाड़ू की जाति पूछकर मारपीट की घटना ने संजय यादव व उसके भाई ओमकार यादव के लिए यदुवंशी समाज और सपाजनों में सहानुभूति पैदा कर दी है। इसका अंदाजा शनिवार को युवा यादव महासभा, अखिल भारत वर्षीय यादव महासभा तथा समाजवादी पार्टी की आई तल्ख प्रतिक्रिया से भी लगाया जा सकता है। 

    संजय यादव का भाई ओमकार यादव सादात ब्लाक प्रमुख कमलेश सिंह हकाड़ू के गांव कनेरी पहुंचने के पीछे भले ही बता रहा है कि वह वहां अपने बीमार साथी का हालचाल लेने गया था लेकिन वह वहां जिस अंदाज में पहुंचा था उससे यह तो लगभग साफ है कि उसका मकसद पंचायत चुनाव की राजनीति साधना था।

    तब सवाल यह भी उठ रहा है कि आजमगढ़ के जहानागंज ब्लाक प्रमुख के पद पर काबिज संजय यादव गाजीपुर की पंचायत की राजनीति में क्यों आना चाहता है। अंडरवर्ल्ड में चर्चा है कि जहानागंज ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर संजय यादव के गैंग लीडर अखंड सिंह की निगाह है। अखंड अपने किसी पारिवारिक सदस्य को उस कुर्सी पर बैठाना चाहते हैं। उस दशा में संजय यादव गाजीपुर में सादात ब्लाक में अपनी शिफ्टिंग की कोशिश में लगा है। संजय फिलहाल आजमगढ़ जेल में निरुद्ध है। लिहाजा उसका छोटा भाई ओमकार यादव सादात में टेंपो हाई करने में अभी से जुट गया है।

    जाहिर है कि सादात ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि कमलेश सिंह हकाड़ू के लिए संजय यादव के भाई ओमकार की गतिविधियां उत्तेजित करेंगी ही। फिर हकाड़ू का संजय यादव से अदावत का एक एंगल एमएलसी विशाल सिंह चंचल भी बताए जा रहे हैं। एक ठेके के टेंडर के मामले में संजय यादव ने आजमगढ़ जेल से नौ सितंबर 2016 को फोन कर चंचल को धमकी तथा गाली दी थी और हकाड़ू चंचल के बेहद करीब हैं। मालूम हो कि अपने संग हकाड़ू की मारपीट के मामले में ओमकार यादव ने सादात थाने में एफआईआर दर्ज कराई है जबकि हकाड़ू के गांव की अनुसूचित बस्ती के लोगों ने ओमकार यादव के विरुद्ध धमकी, मारपीट का केस किया है। पूरे प्रकरण की जांच सीओ सैदपुर राजीव द्विवेदी कर रहे हैं। ओमकार यादव के संग हकाड़ू की मारपीट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

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