बीएचयू के लापता छात्र के मामले को लेकर गुस्से में छात्र नेता

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    गाजीपुर। बीएचयू के लापता छात्र शिवकुमार त्रिवेदी का अब तक सुराग नहीं मिलने से छात्र नेता गुस्से में हैं और इस मामले की सीबीआई जांच चाहते हैं।

    बीएचयू के वरिष्ठ छात्र नेता और दिलदारनगर के रहने वाले राकेश उपाध्याय का कहना है कि छात्र शिवकुमार त्रिवेदी का पुलिस चौकी से लापता होने का मामला अति गंभीर है। इस घटना से आम छात्र भयभीत हैं और पुलिसिंग सिस्टम के लिए उनमें अविश्वास गहराता जा रहा है। प्रदेश सरकार को चाहिए कि इस मामले की सीबीआई जांच कराए और लापता छात्र का पता कर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करे।

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    स्वामी सहजानंद कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष डॉ. समीर सिंह का कहना है कि बीएचयू के छात्र का लापता होना प्रदेश के योगी सरकार के पुलिस पर सवाल खड़ा करता है। हैरानी यह कि    बीएचयू के छात्र को लापता हुए सात माह हो चुके हैं लेकिन योगी सरकार को इसकी सुधि नहीं है बल्कि यह जरूर है कि विरोध में आवाज उठाने वालों को फर्जी मामलों में फंसा कर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। डॉ. सिंह ने कहा कि बीएचयू के लापता छात्र के मामले में सीबीआई जांच कराई जाए।

    पीजी कॉलेज के पूर्व छात्रसंध उपाध्यक्ष अनुराग सिंह भी बीएचयू के छात्र शिवकुमार त्रिवेदी के मामले की सीबीआई जांच की जरूरत बताते हैं।

    यह है पूरा मामला

    बीएचयू के लापता छात्र शिवकुमार त्रिवेदी मूलत: मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के ब्रजपुर (बड़गढ़ी) के रहने वाले हैं और बीएचयू में बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। बीएचयू कैंपस से उन्हें बीते 13 फरवरी को वाराणसी की लंका पुलिस अकारण उठाई थी। उसके बाद से वह लाहता हैं। इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट जनहित याचिका की सुनवाई करते हिए वाराणसी पुलिस को फटकार लगाई है। कही है कि वह लापता छात्र को सामने लाए या फिर सीबीआई जांच के लिए तैयार रहे। मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को हागी। हालांकि इसी बीच वाराणसी पुलिस ने कहा है  कि बीएचयू से लंका पुलिस चौकी पर लाया गया छात्र शिवकुमार त्रिवेदी नहीं था।

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