रामलीला पर भी कोरोना का ग्रहण

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    गाजीपुर। नगर में चार सदी से अनवरत होती आ रही रामलीला पर भी कोरोना का ग्रहण लग गया है। इसको लेकर आयोजक अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के लोग और रामलीला प्रेमी मायूस हैं।

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    रामलीला देखने का पुण्य लाभ लेने के लिए हर वर्ष हजारों की भीड़ जुटती है। विशेषकर रावण वध के दिन तो लंका मैदान में जलसैलाब ही उमड़ पड़ता है लेकिन इस वर्ष कोरोना के कारण यह संभव नहीं होगा और यह भी निश्चित है की इसके लिए खुद प्रशासन इजाजत नहीं देगा।

    कमेटी हर वर्ष रामलीला मंचन शुरू होने से पहले 15 अगस्त के बाद रावण का विशालकाय पुतला बनवाने का काम शुरू कर देती थी जबकि तीन माह पहले मंचन के लिए कलाकारों की मंडली भी बुक कर दी जाती थी। साथ ही रामलीला के स्थायी मंचों के रंगरोगंन का काम भी शुरू हो जाता था।

    इस वर्ष  ऐसा कुछ नहीं हुआ है। कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी बच्चा कहते हैं- कोरोना का संक्रमण शुरू होने के साथ ही प्रशासन सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दिया है। इस स्थिति में कमेटी ने भी रामलीला की कोई तैयारी शुरू नहीं की है। इस सिलसिले में कमेटी सात सितंबर को डीएम से मिलेंगी। उनका जो निर्देश होगा वही किया जाएगा। डीएम कमेटी के पदेन संरक्षक भी हैं।

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