एसडीएम से मतभेद के पीछे विरोधियों की साजिश : सरिता अग्रवाल

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    ग़ाज़ीपुर।  नगर पालिका चेयरमैन सरिता अग्रवाल ने कबूला की प्रभारी ईओ एसडीएम सदर प्रभात कुमार से उनका तालमेल नहीं बैठ रहा है । शुक्रवार की दोपहर चेयरमैन मीडिया से मुखातिब थीं। उनकी ओर से उनके पति पूर्व चेयरमैन विनोद अग्रवाल ने सारी बात रखी।

    उन्होंने कहा कि प्रभारी ईओ से मतभेद विरोधियों की साजिश का नतीजा है। हालांकि यह हालात ज्यादा दिन नहीं रहेंगे। जल्द ही हकीकत प्रभारी ईओ के सामने आएगी। एक सवाल पर उन्होंने माना कि मौजूदा हालात में नगर के विकास कार्य रुक गए हैं। इस मौके पर उन्होंने विरोधियों का एलानिया नाम भी लिया। बताए कि विरोधी दल के अहमद जमाल और राजेंद्र गाजी प्रभारी ईओ को गुमराह कर रहे हैं। उन पर आक्रामक होते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि इनके विरोध के पीछे स्वार्थ पूर्ति का ना होना है। जहां अहमद जमाल नगरपालिका की किमती 25 विस्सा जमीन कब्ज़ा लिए हैं और बेदखली की कागजी कार्यवाही से तिलमिलाए हैं वहीं राजेंद्र गाजी एक मकान के फर्जी कागजातों के जरिए दाखिल खारिज के लिए बेजा दबाव डाल रहे हैं। मनसा पूरी ना होने पर प्रभारी ईओ को गुमराह किए जा रहे हैं। अपनी बात को और तफसील में ले जाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संपत्तियों पर अवैध कब्जे को हटाने का क्लीन ऑपरेशन चला रही है। इसके तहत नगर पालिका की ओर से मुख्यमंत्री को चिट्ठी भेजी गई है। इस सबसे गाजी भी बौखलाहट में हैं।

    इस मौके पर नगर पालिका के राजस्व के सवाल पर उन्होंने महुआबाग स्थित शुभ्रा कांपलेक्स का जिक्र किया। बताए कि कांप्लेक्स प्रबंधन पर जल व भवन कर के कुल करीब चार करोड़ रुपये की देनदारी है। इस,के लिए उन्हें विधिवत नोटिस दी गई। उसके विरुद्ध कांप्लेक्स प्रबंधन के लोग हाईकोर्ट, शासन तक गए मगर कहीं उन्हें राहत नहीं मिली। गौर करने की बात यह कि कांप्लेक्स प्रबंधन किराएदारों से हाउस और व़ॉटर टैक्स वसूलता है।  

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