वाकई! गाजीपुर की जगह बलिया से होगा दो सुपरफास्ट ट्रेनों का संचालन

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    गाजीपुर। एक खबर ऐसी मिल रही है, जो गाजीपुरियों को झटका और बलियाटिकों का मन गुदगुदा सकती है। खबर रेलवे से है।

    मिल रही खबर के मुताबिक लॉकडाउन में बंदी के बाद अब रेल मंत्रालय देश के विभिन्न रूटों के लिए कुल 90 ट्रेनों का फिर से नियमित परिचालन शुरू करना चाहता है। इस आशय के प्रस्ताव की मंजूरी के लिए नोडल गृह मंत्रालय को चिट्ठी भेजा है। उनमें दो ट्रेनें वह भी हैं जो गाजीपुर से बांद्रा और आनंद विहार (दिल्ली) के लिए चलती रही हैं। प्रस्ताव में इन ट्रेनों का दोबारा परिचालन मार्ग विस्तार के साथ होना है। उसके तहत यह ट्रेनें गाजीपुर की जगह बलिया से गंतव्य के लिए रवाना होंगी।

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    हालांकि इस तरह के किसी भी प्रस्ताव को लेकर पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के पीआरओ अशोक कुमार ने अनभिज्ञता जताई लेकिन अगर ऐसा हुआ तो यह जरूर है कि गाजीपुर के लिए अप्रिय बात होगी। दोनों ट्रेनें तत्कालिन सांसद और रेलराज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने अपने संसदीय क्षेत्र गाजीपुर को बतौर सौगात दी थी लेकिन उसके बाद हुए चुनाव में वह हार गए जबकि वीरेंद्र सिंह मस्त बलिया के सांसद चुने गए और उनकी नजर उन दोनों ट्रेनों पर लग गई।

    उन्होंने बलिया स्टेशन पर रेलवे के ही जलसे में ऐलान कर दिया कि गाजीपुर से पश्चिम की ओर जाने वाली सुपरफास्ट ट्रेनों का मार्ग विस्तार करवा कर वह बलिया से चलवाएंगे। उस ऐलान पर बलिया के लोग काफी खुशी जताए थे। उनके उस कथन को राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर ने भी गति दे दी थी। उसी बीच गाजीपुर के मौजूदा सांसद अफजाल अंसारी ने भी अनापत्ति का बयान देकर बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के प्रयास को आगे बढ़ाने का मौका दे दिया था लेकिन गाजीपुर में उसका जनविरोध शूरू हो गया था। बल्कि प्रमुख समाजसेवी विवेक सिंह शम्मी की अगुवाई में कई दिनों तक आंदोलन चला था। उसी क्रम में वह हस्ताक्षर अभियान चला कर जिला प्रशासन के जरिये रेल मंत्री को ज्ञापन भी प्रेषित किए थे। उनके आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन भी मिला था। उसके बाद बलिया सांसद का वह ऐलान चाहे जिन कारणों से जहां का तहां रह गया था।

    अब जबकि लॉकडाउन के बाद अनलॉक हुआ है और रेल मंत्रालय ट्रेनों का परिचालन फिर से शुरू करने की तैयारी में जुटा है। उसमें गाजीपुर से चलनेवाली ट्रेनों को बलिया तक विस्तारित करने की खबर आने लगी है तो यह भी तय है कि एक बार फिर इसको लेकर गाजीपुर में विरोध के स्वर फूटेंगे। वैसे इस बाबत आजकल समाचार ने बलिया सांसद को फोन लगाया तो उधर से ऐसे किसी भी प्रस्ताव के प्रति अनभिज्ञता जताई गई लेकिन गाजीपुर में रेलवे  की खबरों पर नजर रखने वालों का कहना है कि संयोगवश रेलवे बोर्ड के मौजूदा चेयरमैन वीके यादव का गृह जनपद भी बलिया है। ऐसे में उनका बलिया प्रेम जागे तो कोई हैरानी नहीं।  

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